
भाद्रपद पूर्णिमा 2025: तिथि और महत्व
भाद्रपद मास की पूर्णिमा को धार्मिक मान्यता में अत्यंत शुभ माना गया है। इस वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा 07 सितंबर 2025, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने, व्रत-पूजा, जप-तप और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
धर्मग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से पितृदोष दूर होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अगले दिन से पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) की शुरुआत होती है, जो आश्विन मास की अमावस्या तक चलता है।
चंद्र ग्रहण 2025 और भाद्रपद पूर्णिमा
इस वर्ष की भाद्रपद पूर्णिमा खास होगी क्योंकि इसी दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।
- ग्रहण का समय: रात 09:58 मिनट से 01:26 मिनट (08 सितंबर की देर रात तक)
- सूतक काल: दोपहर 12:19 मिनट से शुरू हो जाएगा।
👉 सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और केवल जप-तप करना श्रेष्ठ माना गया है।
भाद्रपद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
- पितृ तर्पण और श्राद्ध: पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
- लक्ष्मी-नारायण पूजन: इस दिन स्नान-ध्यान के बाद लक्ष्मी-नारायण जी की पूजा करने से सुख, सौभाग्य और वैभव में वृद्धि होती है।
- संकट मुक्ति: कहा जाता है कि इस दिन पूजा और दान करने से जीवन के सभी प्रकार के संकट और दुख दूर हो जाते हैं।
- दान-पुण्य का महत्व: राशि अनुसार दान करने से ग्रहदोष शांत होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
राशि अनुसार दान (Bhadrapada Purnima 2025 Daan)
1. मेष राशि
- अनार, रागी और गेहूं का दान करें।
👉 लाभ: पारिवारिक कलह दूर होगा और संतान सुख में वृद्धि होगी।
2. वृषभ राशि
- चावल, आटा और नमक का दान करें।
👉 लाभ: आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
3. मिथुन राशि
- साबुत मूंग और धनिया का दान करें।
👉 लाभ: व्यापार में सफलता और शिक्षा में प्रगति होगी।
4. कर्क राशि
- चावल, शक्कर और नारियल का दान करें।
👉 लाभ: गृहस्थ जीवन में सुख-शांति आएगी।
5. सिंह राशि
- सेब, गुड़ और मूंगफली का दान करें।
👉 लाभ: स्वास्थ्य लाभ और आत्मबल में वृद्धि होगी।
6. कन्या राशि
- जरूरतमंदों को हरी सब्जियाँ वितरित करें।
👉 लाभ: रोग नाश और मानसिक शांति प्राप्त होगी।
7. तुला राशि
- सफेद रंग के वस्त्र का दान करें।
👉 लाभ: सौभाग्य और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी।
8. वृश्चिक राशि
- लाल कपड़े और धन का दान करें।
👉 लाभ: शत्रु पर विजय और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
9. धनु राशि
- मकई और बेसन के लड्डू का दान करें।
👉 लाभ: परिवार में सुख-समृद्धि और संतान पक्ष से सुख मिलेगा।
10. मकर राशि
- साबुत उड़द और सरसों के तेल का दान करें।
👉 लाभ: करियर और व्यवसाय में स्थिरता मिलेगी।
11. कुंभ राशि
- काले तिल और नीले रंग के कपड़े का दान करें।
👉 लाभ: बुरी नजर और ग्रहदोष से मुक्ति मिलेगी।
12. मीन राशि
- चने की दाल, बेसन और लड्डू का दान करें।
👉 लाभ: घर में सुख-शांति और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।
चंद्र ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
- सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
- केवल भगवान का नाम जपना चाहिए।
- ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
- ग्रहण के बाद स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है।
भाद्रपद पूर्णिमा 2025: उपसंहार
भाद्रपद पूर्णिमा 2025 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन श्रद्धालुओं को गंगा स्नान, पितृ तर्पण और लक्ष्मी-नारायण पूजन के साथ राशि अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से सभी प्रकार के दुख दूर होंगे और जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होगी।
👉 याद रखें, आस्था के साथ किया गया छोटा सा दान भी बड़ा फल देता है।






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